ग्लोबल वार्मिंग के असर से ध्रुवों पर 280 फीसदी बढ़ी बर्फ पिघलने की दर

admin 6:49 AM 1
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14 जून 2019. ग्लोबल वार्मिंग से जूझ रहे दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्लेशियर और ध्रुवों पर तेजी से पिघल रही बर्फ को जमाना है। जलवायु परिवर्तन पर लगातार सम्मेलन होते रहते हैं जहां उसके रोकधाम के तौर-तरीकों पर गंभीर मंथन किया जाता है। हाल में ही कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे रिसर्च केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है जिससे धरती को ग्लोबल वार्मिंग से बचाने में मदद मिलेगी। इसमें वैज्ञानिक ऐसे तरीकों की तलाश करेंगे जिससे धरती के वातावरण से कार्बन डाई ऑक्साइड को बाहर निकाला जा सके और पिघल चुके बर्फ को फिर से जमाया जाए। 10 साल की मेहनत अगली पीढ़ियों के काम आएगी विशेषज्ञों के अनुसार पर्यावरण को बचाने के क्षेत्र में ईमानदारी के किया गया प्रयास ही अगली पीढ़ियों के काम आएगा। धरती पर लगातार बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम ने फसल चक्र को भी प्रभावित किया है। लगातार फसलों का उत्पादन घट रहा है। बारिश की मात्रा में कमी हो रही है। विशेषज्ञ जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए प्राकृतिक तरीकों का प्रयोग कर रहे हैं।

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