सूफी गायक कैलाश खेर ने पाकिस्तान पर ली चुटकी

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28 feb 2019 पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ मौजूदा तनावपूर्ण हालात पर कैलाश खेर का कहना है कि जब बात हो देश की, तो परवाह न हो शेष की। हमारे सिर पर ईश्वरीय सत्ता का प्रताप है। लिहाजा कोई ये सोचे कि नापाक हरकतों से हमारे पराक्रम और ऊर्जा को क्षति पहुंचा सकता है, तो यह सागर में पत्थर मारने जैसा है। उन्होंने कहा कि मुद्दई लाख बुरा चाहे तो क्या होता है, वही होता है जो मंजूर-ए खुदा होता है। आतंकी गतिविधियों पर कैलाश खेर ने चुटकी लेते हुए कहा कि अपने ही जाल में खरदूषण फंसते चले जाएंगे। बृहस्पतिवार को तीर्थनगरी पहुंचे कैलाश खेर ने अमर उजाला के साथ बातचीत के दौरान कहा कि मां गंगा को गंगेस और योग को योगा कहकर पुकारना प्राचीन परंपरा और गौरव का अपमान है। यह भाषा के साथ खिलवाड़ भी है। किसी को भी मां गंगा का गलत उच्चारण कर अपमान करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने मां गंगा और योग का एक बेहतरीन तालमेल बनाया है। कैलाश खेर इस योग विधा को गंगासन के नाम से संबोधित करते हैं। उनका कहना है कि होटलों के नाम भी मां गंगा के दृष्टिकोण से रखे जा रहे हैं, इस प्रवृत्ति पर विराम लगना चाहिए। मां गंगा को कोर्ट ने भी जीवित अस्तित्व की संज्ञा दी है। फैशन के कारण लोगों को गंगेस नहीं कहना चाहिए। सूफी गायक ने कहा कि उनका जन्म मेरठ में हुआ लेकिन पालन पोषण ऋषिकेश में हुआ है। गंगा और योग से गहरा जुड़ाव होने और शांति महसूस करने के लिए तीर्थनगरी आते रहते हैं। कैलाश खेर का मानना है कि धन कमाना और यश हासिल करना एक सीमा तक ही होता है। पैशन के बाद परिवर्तन का दौर आता है। साल में करीब 100 स्टेज शो करते हैं जिनमें से लगभग 40 बिना फीस लिए प्रस्तुति देते हैं। अब वे प्रेरक वक्ता (मोटीवेशनल स्पीकर) की भूमिका में भी हैं। भगवान भोलेनाथ को अपना ईष्ट मानने वाले कैलाश भविष्य में योग गुरु और प्रेरक वक्ता के रूप में जाना पहचाना चेहरे बनेंगे।

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